ना वो अंखियाँ रूहानी कहीं ना वो चेहरा नूरानी कहीं कहीं दिल वाली बातें भी ना ना वो सजरि जवानी कहीं जग घूमेया थारे जैसा ना कोई जग घूमेया थारे जैसा ना कोई
ना तो हँसना रूमानी कहीं ना तो खुशबू सुहानी कहीं ना वो रंगली अदाएँ देखीं ना वो प्यारी सी नादानी कहीं जैसी तू है वैसी रहना जग घूमेया थारे जैसा ना कोई जग घूमेया थारे जैसा ना कोई जग घूमेया थारे जैसा ना कोई जग घूमेया थारे जैसा ना कोई
बारिशों के मौसमों की भीगी हरियाली तू सर्दियों में गालों पे जो आती है वो लाली तू रातों का सुकून रातों का सुकून भी है सुबह की अज़ान है चाहतों की चादरों में मैंने है संभाली तू कहीं आग जैसी जलती है बने बरखा का पानी कहीं कभी मन जाना चुपके से यूँ ही अपनी चलानी कहीं जैसी तू है वैसी रहना जग घूमेया थारे जैसा ना कोई जग घूमेया थारे जैसा ना कोई जग घूमेया थारे जैसा ना कोई जग घूमेया थारे जैसा ना कोई
अपने नसीबों में या हौसले की बातों में सुखों और दुखों वाली सारी सौगातों में संग तुझे रखना है संग तुझे रखना है तूने संग रहना मेरी दुनिया में भी मेरे जज़्बातों में तेरी मिलती निशानी कहीं जो है सबको दिखानी कहीं तू तो जानती है मर के भी मुझे आती है निभानी कहीं वोही करना जो है कहना
जग घूमेया थारे जैसा ना कोई जग घूमेया थारे जैसा ना कोई जग घूमेया थारे जैसा ना कोई जग घूमेया थारे जैसा ना कोई